भारतीय नौसेना का इतिहास : नौसेना दिवस की शुरुआत कैसे हुई

आज हम बात करने वाले हैं उसकी, जिसने जंग-ए-आजादी, मुंबई में ऑपरेशन ताज से लेकर अन्य कई मामलों में अपने बहादुरी के कारनामों से इतिहास के पन्ने भरें हैं. विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी नौसेना भारतीय नौसेना की, जिसके पास विमानवाहक पोत आईएनएस विराट सहित 155 से अधिक जहाज हैं और दो हजार से अधिक मैरीन कमांडो हैं.

वैसे तो नौसेना का इतिहास पौराणिक काल से ही माना जाता है, लेकिन ब्रिटिश उपनिवेश के दौरान ‘रॉयल इंडियन नेवी’ नाम से सेना के रूप में इसे अपनी असली पहचान मिली.

नौसेना का इतिहास

प्राचीन समय में नौसेना किसी जाति या नगर के सशस्त्र लोगों के झुंड के रूप में थी, जो बड़ी बड़ी नौकाओं या जहाजों में समुद्र मार्ग से दूसरे की भूमि पर आक्रमण करती थी. इन्हीं जहाजों से व्यापार, मछली पकड़ना, युद्ध और समुद्री लूटपाट तक की जाती थी.

युद्ध के अलावा विशेष प्रकार के जहाजों का निर्माण बहुत कम किया जाता था. आधुनिक नौसेना का जन्मस्थान ‘भूमध्यसागरीय’ देश हैं. क्रीट के राजाओं ने इतिहास के प्रभात काल में ही समुद्री सेना संगठित कर ली थी जिसके कारण भूमध्यसागर उनके नियंत्रण में था. ऐतिहासिक प्रमाणों से ज्ञात होता है कि सरकार द्वारा समर्थित नौसेना सबसे पहले ‘ एथेंस ‘ में थी.

17वीं, 18वीं और 19वीं शताब्दियों में नौसेना का विकास मंद गति से होता रहा. जहाजों को अधिक से अधिक बड़ा बनाने का प्रयास किया गया. 19वीं शताब्दी में ब्रिटेन की नौसेना सबसे ज्यादा शक्तिशाली थी.

प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 20 वर्षों तक ब्रिटेन की नौसेना सबसे ताकतवर रही. 20वीं शताब्दी में अनेक देशों ने अपनी नौसैनिक शक्ति बढ़ाई, जिनमें जर्मनी, जापान और अमेरिका प्रमुख थे.

भारतीय नौसेना  की स्थापना

5 सितंबर 1612 को इंडियन मरीन यानी आधुनिक भारतीय नौसेना की नींव रखी गई. 1685 में इसका नाम “बंबई मरीन रख दिया गया, जो 1830 तक चला. 8 सितंबर 1934 को भारतीय विधानपरिषद् ने भारतीय नौसेना अनुशासन अधिनियम पारित कर इसका नाम रॉयल इंडियन नेवी कर दिया.

भारत की आजादी के बाद 1950 में नौसेना का गठन फिर से हुआ और इसे “भारतीय नौसेना” नाम दिया गया. भारतीय नौसेना का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और मुख्य नौसेना अधिकारी-एडमिरल के नियंत्रण में होता है.

नौशक्ति का उद्देश्य सैनिक और वाणिज्य की दृष्टि से समुद्री मार्ग का नियंत्रण करना है. स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की नौसेना नाम मात्र की थी. विभाजन की शर्तों के अनुसार लगभग एक तिहाई सेना पाकिस्तान को चली गई.

स्वतंत्रता प्राप्ति की लड़ाई में नौसेना की भूमिका

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की ‘आजाद हिन्द फौज’ द्वारा छेड़े गए सशस्त्र संघर्ष से प्रेरित होकर ‘रॉयल इंडियन नेवी’ के भारतीय सदस्यों ने 18 फरवरी 1946 को एचआईएमएस तलवार नाम के जहाज से जंग-ए-आजादी का ऐलान कर दिया. नौसैनिकों का यह विद्रोह इतना तीव्र था कि जल्द ही यह 78 जहाजों और 20 तटों तक फैल गया था तथा इसमें 20 हजार नाविक शामिल हो गए थे.

भारतीय नौसेना दिवस

 भारत में नौसेना दिवस हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है. देश में नौसैनिक बल की शान एवं उपलब्धियों को दर्शाने के लिए मनाया जाता है. इसका नेतृत्व भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय नौसेना के कमांडर-इन-चीफ के रूप में किया जाता है.

 नौसेना दिवस क्यों मनाया जाता है

3 दिसंबर 1971 को भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश  में पाक सेना के खिलाफ जंग छेड चुकी थी. क्योंकि इस दिन पाकिस्तानी सेना ने भारत के हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया था. 4 दिसंबर 1971 को ‘ऑपरेशन ट्राईडेंट’ के तहत भारतीय नौसेना ने कराची नौसेना पर हमला बोल दिया था.

इसने पाकिस्तान के कई जहाज और कराची बंदरगाह पर भारी बमबारी कर उसे तबाह कर दिया और इस दौरान पाकिस्तान की पीएनएस गाजी पनडुब्बी जल में दफन हो गई. अभियान में आईएनएस विक्रांत ने खूब वाहवाही बटोरी.

कराची तेल डिपो में लगी आग लगातार सात दिन तक जलती रही. इसकी लपटों को 60 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता था. इस ऑपरेशन में तीन भारतीय नौसेना पनडुब्बी मिसाइल – आईएनएस निरघाट, आईएनएस वीर और आईएनएस निपत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

गोवा से पुर्तगालियों को खदेड़ा

1961 में नौसेना ने गोवा को पुर्तगालियों से स्वतंत्र करने में थल सेना की मदद की. भारत की नौसेना देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने और साथ ही साथ बंदरगाह यात्राओं, संयुक्त अभ्यास, मानवीय मिशन, आपदा राहत आदि जैसे कई तरीकों से भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को बढ़ाने में एक बड़ी भूमिका निभाती है.

नौसेना विश्लेषकों (Naval Analyses) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में परमाणु-संचालित पनडुब्बी मिसाइलें (SSBNs) और एक परमाणु संचालित पनडुब्बी (SSN) INS चक्र के साथ 15 पारंपरिक पनडुब्बियां (SSKs), दो परमाणु संचालित पनडुब्बियां (SSBs) हैं.

भारतीय नौ सेना तीन क्षेत्रों की कमान (पश्चिम में मुंबई, पूर्व में विशाखापत्तनम और दक्षिण में कोच्चि) के तहत तैनात की गई है, जिसमें से प्रत्येक का नियंत्रण एक फ्लैग अधिकारी द्वारा किया जाता है.

नौसेना से जुड़े कुछ तथ्य

 17वीं शताब्दी के मराठा सम्राट, छत्रपति शिवाजी भोसले को भारतीय नौसेना के पिता के रूप में माना जाता है.

भारतीय नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बी के डिजाइन बड़े पैमाने पर रूस से प्रभावित हैं. केरल में Ezhimala नौसेना अकादमी एशिया में सबसे बड़ी नौसेना अकादमी है.

INS (भारतीय नौसेना जहाज) विराट नौसेना का पहला विमान वाहक और दुनिया का सबसे पुराना विमान वाहक था.