भारतीय नौसेना का इतिहास : नौसेना दिवस की शुरुआत कैसे हुई

वैसे तो नौसेना का इतिहास पौराणिक काल से ही माना जाता है, लेकिन ब्रिटिश उपनिवेश के दौरान ‘रॉयल इंडियन नेवी’ नाम से सेना के रूप में इसे अपनी असली पहचान मिली.

Read More

Share

Bhopal Gas Kand जब जिंदा दफ़न हो गये हजारों लोग

देश के ह्रदय स्थल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 3 दिसंबर 1984 की रात एक काली भयानक रात के रूप में याद की जाती है. इस रात में एक ऐसी दुर्घटना हुई जो मानव-निर्मित थी, जिसके गुनहगार मनुष्य थे.

Read More

Share

भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का जीवन परिचय

 राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्रता आंदोलन में साल 1905 में शामिल हुए. उन्होंने 1906 में बिहार के एक कॉलेज में एक छात्र समागम कराया जिसके बाद अंग्रेजों की नजर उन पर पड़ी. साल 1916 में महात्मा गांधी से उनकी पहली मुलाकात हुई.

Read More

Share

विक्रम साराभाई कौन थे, ISRO स्थापना कैसे हुई ?

30 दिसंबर, 1971 को उनकी मृत्यु उसी स्थान के नजदीक हुई थी जहां उन्होंने भारत के पहले रॉकेट का परीक्षण किया था. दिसंबर के आखिरी हफ्ते में वे थुंबा में एक रूसी रॉकेट का परीक्षण देखने पहुंचे थे और यहीं कोवलम बीच के एक रिसॉर्ट में रात के समय सोते हुए उनकी मृत्यु हो गई.

Read More

Share

Kailasavadivoo Sivan कैसे बने चंद्रयान -२ के नायक?

के सिवन ने साल 1977 में मदुरै यूनिवर्सिटी से गणित में स्नातक किया. के सिवन अपने परिवार के पहले शख्स थे जिन्होंने स्नातक किया था. इस परीक्षा में जब उनके 100 फीसदी अंक आए तब उनके पिता ने उन्हें आगे की पढ़ाई की इजाज़त दी.

Read More

Share

राम जेठमलानी कौन थे, पाकिस्तान से क्यों आना पड़ा था भारत?

राम जेठमलानी जब कराची से मुंबई आए तब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर प्रोफेसर की. उन्होंने मुंबई गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया, बाद में उन्होंने यहीं वकालत भी शुरू कर दी. राम जेठमलानी हमेशा धारा के विपरीत चले. उन्होंने ऐसे मुकदमें लड़े जिनके बारे में पहले से तय था कि वो हार सकते हैं.

Read More

Share

देवानंद पर लड़कियां कुछ ऐसे मरती थीं कि कोर्ट ने लगी दी थी ये रोक, कैसे पड़ गए सुरैया के प्यार में

26 सितंबर 1923 को बॉलीवुड के सबसे चमकते सितारे देवानंद का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में एक मीडिल क्लास परिवार में हुआ था. उनका वास्तविक नाम पिशोरीमल आनंद था. लाहौर से इंग्लिश में ग्रेजुएट देव आनंदने साल 1943 यानी 20 साल की उम्र में मुंबई का रूख किया था,

Read More

Share