एक गरीब नेपाली चौकीदार का बेटा बना देश का 8वां सबसे अमीर शख्स, जानिए आचार्य बालकृष्ण का पूरा सफर

पतंजलि कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आचार्य बालकृष्ण देश के 10 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में शुमार हो गए हैं. हुरुन रिच लिस्ट में आचार्य बालकृष्ण को 8वां स्थान हासिल हुआ है. ऐसे में आइये जानते हैं एक गरीब नेपाली चौकीदार का बेटा कैसे बना देश का 8 सबसे अमीर शख्स:

फोटो- डेली मेल

70 हजार करोड़ हुई आचार्य बालकृष्ण की संपत्ति

इस लिस्ट के मुताबिक बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालाकृष्ण की संपत्ति में 173 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और उनकी कुल संपत्ति 70 हजार करोड़ हो गई है. बता दें कि इस लिस्ट में पहला स्थान हर बार की तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी का रहा है.

फिल्मों जैसी रही आचार्य बालकृष्ण की पूरी कहानी

बालकृष्ण की कहानी बिल्कुल फिल्मों सरीखी है. उनका वास्तविक नाम नारायण प्रसाद सुवेदी है. बालकृष्ण का जन्म 1974 में एक नेपाली परिवार में हुआ था. बालकृष्ण के पिता चौकीदार का काम किया करते थे.

नारायण प्रसाद से बालकृष्ण कब बनें आचार्य

1980 के दशक में हरियाणा के एक गुरुकुल में बाबा रामदेव और बालकृष्ण की मुलाकात हुई. औऱ इस मुलाकात ने तो इतिहास बना दिया. बाबा रामदेव को फिलहाल अगर किसी पर सबसे ज्यादा भरोसा है तो वो हैं आचार्य बालकृष्ण.

मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईयो बालकृष्ण !

देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में शुमार पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के सर्वेसर्वा हैं आचार्य बालकृष्ण. पतंजलि के पास करीब 3 बिलियन डॉलर की संपत्ति है. जिसमें 97 फीसदी हिस्सेदारी केवल बालकृष्ण की ही है.

कंपनी के रजिस्ट्रेशन के वक्त जेब में थे 35 सौ रुपये

बाबा रामदेव-आचार्य बालकृष्ण (फोटो: ट्विटर)

साल 1995 में पतंजलि आयुर्वेद को कंपनी के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराया गया. उस वक्त बालकृष्ण के जेब में 3,500 रुपये थे. रजिस्ट्रेशन के लिए बालकृष्ण ने 10 हजार उधार लिया था.

आज भी बालकृष्ण के पांव जमीन पर हैं

बालकृष्ण के दफ्तर में कम्प्यूटर, लैपटॉप तक नहीं है. बात करने के लिए वो आईफोन का इस्तेमाल जरूर करते हैं. सफेद कपड़ों और चप्पल में नजर आने वाले बालकृष्ण को देखकर ये नहीं कहा जा सकता कि वो अकूत संपत्ति के मालिक हैं.

विवादों में भी फंस चुके हैं बालकृष्ण

सीबीआई ने बालकृष्ण के खिलाफ जाली डिग्री और पासपोर्ट का मामला दर्ज कर रखा है. 2012 में इसी मामलें में बालकृष्ण कुछ दिनों तक फरार भी थे.
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