पार्ट-1: बेहद ऊंचे और खूबसूरत पहाड़ों पर बसे है देवी माँ के ये प्रसिद्ध मंदिर

नवरात्र आने वाले हैं, लेकिन इसकी रौनक और धूमधाम अभी से हर जगह देखी जा सकती है। नवरात्र में हर जगह माता के जयकारे गुंज रहें है, लेकिन सबसे ज्यादा जयकारे अगर कहीं सुने जाते है, तो वो पहाड़ो में जहां माता के मंदिर है। इस बार हम आपके देवी के 3ऐसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पहाड़ों पर स्थापित हैं। जिनकी शोभा तो देखते ही बनती है और पहाड़ो पर बने होने के कारण इनका अपना एक अलग ही महत्व है। आइए जानते हैं इनके बारे में…

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तारा देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

तारा देवी मन्दिर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लगभग 13 कि.मी. की दूरी पर स्थित शोघी में है। देवी तारा को समर्पित यह मंदिर, तारा पर्वत या पहाड़ पर बना हुआ है। तिब्‍बती बौद्ध धर्म के लिए भी हिन्दू धर्म की देवी तारा का काफ़ी महत्‍व है, जिन्‍हें देवी दुर्गा की नौ बहनों में से नौवीं कहा गया है। कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 250 साल पहले बनाया गया था। यहां स्थापित देवी की मूर्ति को लेकर मान्यता है की तारा देवी की मूर्ति प. बंगाल से लाई गई थी।

चामुंडेश्वरी मंदिर, कर्नाटक

यह मंदिर चामुंडी पहाडी कर्नाटक के मैसूर में स्थित है। ये पहाडी बहुत ही पवित्र मानी जाती है क्योंकि यहां पर माता चामुंडा का मंदिर है। हमान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना 12वीं सदी में की गई थी। मंदिर परिसर में राक्षस महिषासुर की एक 16 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। जो यहां के मुख्य आकर्षणों में से एक है।

अधर देवी मंदिर, राजस्थान

राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन माउंटआबू से 3 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है अर्बुदा देवी मंदिर। अधर देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को लगभग 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। यहां मान्यता है कि अगर कोई भक्त पूरी श्रद्धा के साथ देवी की पूजा करता है तो यहां उसे बादलों में देवी की छवि दिखती है।

बम्लेश्वरी देवी मंदिर, छत्तीसगढ़

डोंगरगढ के पहाड मे स्थित मां बम्लेश्वरी के मंदिर को छत्तीसगढ का समस्त जनसमुदाय तीर्थ मानता है। यहां पहाडी पर स्थित मंदिर पर जाने के लिये सीढीयों के अलावा रोपवे की सुविधा भी है। इस जगह का नाम डोंग और गढ़ शब्दों को मिलाकर बना है। डोंग का अर्थ होता है पर्वत और गढ़ का मतलब होता है क्षेत्र। यह मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के डोंगरगढ़ में 1600 फ़ीट ऊंची पहाड़ी पर है। जहां पहुंचने के लिए लगभग 1100 सीढ़ियां है।

वैष्णो देवी मंदिर, जम्मू-कश्मीर

यह उत्तरी भारत में सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है। मंदिर, 5,200 फीट की ऊंचाई और कटरा से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर के ग्राभ गृह तक जाने के लिए एक प्राचीन गुफा थी, जिसे अब बंद करके दूसरा रास्ता बना दिया गया है। मान्यता है की माता ने इसी प्राचीन गुफा में भैरव को अपने त्रिशूल से मारा था।

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