गजब दर्शन: जानिए बेहद खूबसूरत अरावली की पहाडि़यों के बीच बसे सरिस्का National Park के बारे में

‘सरिस्का’ बाघ अभयारण्य भारत में सब से प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों Nationl Park में से एक है। सरिस्का नेशनल पार्क अलवर जिले में अरावली की पहाडि़यों में है और इसे सन् 1958 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था। इसे सन् 1979 में टाइगर रिजर्व के रुप में ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ में शामिल किया गया था। इस पार्क में 800 वर्ग किलोमीटर का विशाल इलाका है और यहां विविध प्रकार के जीव, वनस्पति और पक्षी पाए जाते हैं।

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सरिस्का बाघ अभयारण्य में बाघ, चित्ता, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, कैरकल, धारीदार बिज्जू, सियार स्वर्ण, चीतल, साभर, नीलगाय, चिंकारा, चार सींग शामिल ‘मृग’ chousingha, जंगली सुअर, खरगोश, लंगूर और पक्षी प्रजातियों और सरीसृप के बहुत सारे वन्य जीव मिलते है।
 

सड़क मार्ग से कैसे जाए

सरिस्का नेशनल पार्क दिल्ली-अलवर-जयपुर रोड पर स्थित है। सरिस्का नेशनल पार्क से अलवर 36 किलोमीटर, दिल्ली 200 किलोमीटर और जयपुर 101 किलोमीटर की दूरी पर है। राजस्थान रोडवेज जयपुर से यहां तक के लिए आरामदायक डीलक्स बसें चलाता है। अलवर से चलने वाली नियमित बस लिंक भी राजस्थान और दिल्ली के प्रमुख स्थानों तक बस चलाती है। यहां सड़कों की हालत बहुत अच्छी है और जयपुर तक की दूरी 3-4 घंटे में तय हो जाती है। सैलानियों के पास सरिस्का नेशनल पार्क तक टैक्सी से जाने का विकल्प भी है।

सूखी पाती प्रकार की वनस्पति

इस पार्क का 90 प्रतिशत इलाका धोक के पेड़ों से घिरा है। इसके अलावा यहां सूखी पाती प्रकार की वनस्पति जैसे खैर, बेर, सरवल और गोरिया होते हैं। गर्मियों के मौसम में यह पार्क बहुत सूख जाता है और मानसून में हरियाली छा जाती है।
 

विभिन्न प्रकार की वन्यजीव प्रजातियां

यहां मौजूद विभिन्न प्रकार की वन्यजीव प्रजातियों में सांभर, चीतल, चैसिंघा, नीलगाय, जंगली सूअर, रीसस मकाक और लंगूर शामिल हैं। यहां मांसभक्षी जानवरों का परिवार भी है जिसमें जंगली कुत्ता, सियार, जंगली बिल्ली, तेंदुआ, लकड़बग्घा और टाइगर शामिल हैं।
 

 पक्षियों की अन्य प्रजातियां

यहां बड़ी संख्या में मोर भी घूमते हुए देखे जा सकते हैं जो बादल होने पर अपने पंख फैलाए हुए और भी आकर्षित लगते हैं। पक्षियों की अन्य प्रजातियों में लाल जंगली मुर्गी, मोर, स्परफाउल, कठफोड़वा, किंगफिशर, कोयल, तीतर, ग्रेट इंडियन हाॅर्न आउल, संगराउस, ट्री पाई, ड्रोंगो, सनबर्ड पाराकीट और गिद्ध शामिल हैं।
 
कंकवारी किला – 17वीं सदी के इस किले का इस्तेमाल मुगल शासक औरंगजेब ने अपने भाई दारा को कैद करने के लिए किया था। आज के समय में किले से आसपास के कई सुंदर नज़ारे देखे जा सकते हैं।
प्राचीन शिव मंदिर – यहां प्राचीन हिंदू मंदिर के अवशेष हैं।
पैलेस – इस पुरानी हवेली का निर्माण अलवर के राजकुमार ने किया था।
 

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