बुलेट ट्रेन के इतिहास से लेकर भारत में इसकी दस्तक तक के हर Facts यहां जानिए

देश को पहला बुलेट ट्रेन दिए जाने की तैयारी हो चुकी है. 14 सितंबर को पीएम मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे ने अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव रखी. बता दें कि इस प्रोजेक्ट के लिए जापान ही देश का सबसे अहम साझेदार है. जापान ने बेहद कम यानी 0.1 फीसदी ब्याज पर 50 सालों के लिए भारत को 88 हजार करोड़ का कर्ज दिया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर-Rediff.com

दुनिया में पहली बुलेट ट्रेन कब चली

जापान में साल 1964 में पहली बार बुलेट ट्रेन चलाई गई, इसकी परिकल्पना जापान ने 1930 में ही कर ली थी. अब इसकी तेजी को दिखाने के लिए इसकी तुलना गोली की रफ्तार से की गई और नाम पड़ा गया बुलेट यानी गोली, ट्रेन. वहीं जापान में इसे शिनकाशेन यानी ‘नई मेन लाइन’ कहकर पुकारता है.

सबसे तेज चलने वाली ट्रेन भी जापान में

जापान ने हाल ही में दुनिया की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन का टेस्ट किया है. इस बु लेट ट्रेन की रफ्तार करीब 600 किलमीटर प्रति घंटा है, वहीं इससे पहले कारोबारी ट्रेन के तौर पर चीन की बुलेट ट्रेन सबसे तेज चलनी वाली ट्रेन थी.

तेज ही नहीं सबसे सुरक्षित

बुलेट ट्रेन की टेक्नॉलजी और सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जापान में इतने सालों से ट्रेन चल रही है लेकिन किसी भी दुर्घटना में किसी के मौत की खबर आज तक नहीं है. सिर्फ जापान ही नहीं, चीन, फ्रांस और जहां भी बुलेट ट्रेन चलती हैं वहां से ऐसे मामले कम ही आए हैं. सिर्फ इतना ही नहीं देरी की बात करें तो मैक्सिमम 40-50 सेकेंड ही ये ट्रेन से देरी से पहुंचती हैं. यानी ये ट्रेन लेट की समस्या से जूझ रहे भारत के लिए खास होगी.

जापान से आगे निकल गया है चीन

चीन, जापान के बहुत बाद बुलेट ट्रेन के सेक्टर में कदम रख पाया था. लेकिन अब स्पीड ट्रेन नेटवर्क के मामले में वो दुनिया का सबसे अमीर देश है. मतलब ये है कि चीन के पास हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क 22 हजार किमी का है, कोई भी दूसरा देश इसका आसपास भी नहीं ठहराता. सबसे तेज कारोबारी ट्रेन को चलाने का भी रिकॉर्ड चीन के ही पास है.

भारत में आ रहे ‘बुलेट’ ट्रेन की कुछ खास बातें

भारत में चलने वाली बुलेट ट्रेन की मैक्सिमम स्पीड 350 किमी प्रति घंटा होगी. इसके ट्रैक का डिजाइन इस प्रकार से किया गया है कि गति को इतना ही रखा जा सकता है.

  • पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद-मुंबई के बीच चलेगी, अनुमान है कि इसके लिए आपको 2,700 रुपए से 3,000 रुपए टिकट पर खर्च करने पड़ सकते हैं
  • ये ट्रेन दोनों स्टेशनों के बीच 4 स्‍टेशनों पर रुकते हुए दूरी 2 घंटे 7 मिनट में पूरी करेगी
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बुलेट ट्रेन में 750 लोग सफर कर पाएंगे.

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