विभिन्न प्रकार की तितलियों के लिए प्रसिद्ध और जैव विविधता का हॉट स्पॉट ‘नमदाफा National Park’

नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान National Park अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन का प्रमुख आकर्षण है। संपूर्ण पूर्वी हिमालय जिसे जैव विविधता का हॉट स्पॉट घोषित किया गया है, का नमदाफा सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र है। चांगलांग जिले में स्थित नमदाफा अपने अभयारण्य के लिए जाना जाता है। इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया है।

Namdapha

राष्ट्रीय उद्यान की शोभा

घने हरे भरे जंगल राष्ट्रीय उद्यान की शोभा बढ़ाते हैं। दाफा बुम श्रृंखला मिश्मी पहाड़ियों का एक भाग है और पाटकी श्रृंखला नमदाफा को घेरे हुए है। यह मिओं से कुछ किलोमीटर की दूरी पर है। नमदाफा नेशनल पार्क भारत का 151 वां टाइगर रिज़र्व है जो लगभग 1985 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। जंगल से होकर बहने वाली नोए – दिहिंग नदी कई जलीय प्रजातियों का घर है।

नमदाफा नदी भी बहती है

उद्यान से नमदाफा नदी भी बहती है जिसके नाम पर नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान का नाम रखा गया है। वन्य जीवन में रूचि रखने वाले लोगों के लिए नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान अच्छा स्थान है। यह न सिर्फ चुनौतीपूर्ण है बल्कि रोमांचकारी भी है क्योंकि यहाँ कई प्रजाति के पशु पक्षी और वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। मिथुन के नाम से जाना जाने वाला शानदार गौर, हाथी, जंगली भैंसा, हिमालयीन भालू, तकिन, पट्कोई श्रेणी की जंगली बकरी, कस्तूरी मृग, बिन्टूरांग और लाल पांडा इस क्षेत्र में पाए जाने वाले कुछ जानवर हैं।

विभिन्न प्रकार की तितलियाँ

विभिन्न प्रकार की तितलियाँ जंगल की शोभा बढ़ाती हैं। नमदाफा में केवल अधिक ऊंचाई पर ही टाइगर (बाघ), चीता, स्नो लेपर्ड (हिम तेंदुआ) और क्लाऊडेड लेपर्ड की जैसी बिल्ली जैसी कुछ प्रजातियाँ पाई जाती हैं। आजकल हिम तेंदुए दुर्लभ हो गए हैं। सफ़ेद पंखों वाली बतख भी बतख की एक दुर्लभ प्रजाति है जो इस पार्क में पाई जाती है। आसामी मकाक (छोटी पूँछ वाला बंदर), सूअर की पूँछ जैसी पूँछ वाला बंदर, हूलॉक गिब्बन, हॉर्नबिल्स और जंगली मुर्गी इस पार्क में पाई जाने वाली अन्य प्रजातियाँ हैं।

जंगल में रहने वाले साँपों से सावधान

आपको इस जंगल में रहने वाले साँपों से सावधान रहने की आवश्यकता है। यहाँ तरह तरह के पौधे भी पाए जाते हैं। इसमें लकड़ियों की 150 प्रजातियाँ और कुछ दुर्लभ औषधीय पौधे जैसे मिश्मी टीटा शामिल हैं। नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान में ऊंचाई के साथ साथ वनस्पतियाँ भी बदलती हैं। पहले यहाँ ऊंचाई पर जलीय बूटियों की 425 प्रजातियाँ पाई जाती थी। उद्यान के अंदर कुछ जनजाति समूह भी पाए जाते हैं, अधिकांशत: पूर्वी सिरे पर जहाँ भारत अपनी सीमा म्यांमार से बांटता है। इस पार्क के चारों ओर के क्षेत्र में चकमा, तंग्सा और सिंग्फो जनजातियाँ पाई जाती हैं।

उद्यान तक कैसे पहुंचे

नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान तक कैसे पहुंचे नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान रास्तों द्वारा जुड़ा हुआ है। रेलमार्ग या हवाईमार्ग से आने वाले यात्रियों को आसाम तक पहुंचना पड़ता है और उसके बाद वे मिओं तक पहुँच सकते हैं। नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान का मौसम नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान की सैर अक्टूबर से फरवरी के बीच की जा सकती है, जो यहाँ के जंगलों की सैर के लिए उत्तम समय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.