गजब इंडिया: महिलाओं के राज वाले इस गांव में 15 साल से नहीं हुआ कोई भी अपराध

कहा तो जाता है किन आज महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबर का हक मिल रहा है, लेकिन भारत आज भी  पुरुष प्रधान देश है, घर में ही नहीं बल्कि गांव से लेकर हर क्षेत्र में पुरषों की ही चलती है। खासकर गांव के इलाकों में ये देखने को मिलता है। लेकिन महारष्ट्र का आनंदवाड़ी गांव एक बहुत अच्छी बात के लिए चर्चा में है। इस गांव में 165 घर हैं और ये सभी महिलाओं के नाम हैं। एक गांव वाले ने इस बारे में सोचा और उसकी पहल पर ग्राम सभा ने ये नायाब फैसला लिया। आइए बताते हैं इस खास गांव के बारे में खास बाते…

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सभी घरों को उनकी महिलाओं के नाम

एक गांव वाले ने इस बारे में सोचा और उसकी पहल पर ग्राम सभा ने ये नायाब फैसला लिया। वहां के लोगों ने मिलकर इस गांव के सभी घरों को उनकी महिलाओं के नाम कर दिया। महिला सशक्तिकरण का ये एक बहुत अच्छा नमूना है।
 

मालते हैं देवी लक्ष्मी का प्रतीक

देखिए यहां की ग्राम सभा के सदस्य क्या कहते हैं। “जिस तरह हम हर साल देवी लक्ष्मी को अपने घर लाते हैं उसी तरह से हम अपने घर की महिलाओं को भी सम्मान देना चाहते हैं। महिलाओं को किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
जब वो घर संभाल सकती हैं, तो क्यों न वो खुद ही घर की मालकिन हों? इस तरह से लोगों को पुरुषवादी मानसिकता से बाहर आने का भी मौका मिलेगा।”
 

खेतों को भी इन महिलाओं के नाम

वहीं कुछ लोगों ने आगे बढ़कर अपने खेतों को भी इन महिलाओं के नाम कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ़ इन घरों में महिलाओं के नाम की ही नेमप्लेट लगी हुई है साथ ही उनके फ़ोन नंबर भी लिखे हुए हैं। ये लोग कहते हैं कि लड़कियों को जन्म से ही एक बोझ माना जाता है और अब लोगों की सोच बदल रही है।
 

सामूहिक विवाह भी

इतना ही नहीं पिछले साल से यहां सामूहिक विवाह भी आयोजित करवाए जा रहे हैं जिसका खर्च पूरा गांव उठाता है। इससे किसी पिता पर अधिक बोझ नहीं पड़ता।
 

अपराध मुक्त है यह गांव

इसके अलावा इस गांव की एक और बहुत बड़ी उपलब्धि है। पिछले 15 सालों से ये गांव अपराध मुक्त बना हुआ है। पिछले 15 सालों में यहां एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है। इस गांव में 635 लोग रहते हैं। ‘डिस्प्यूट फ़्री विलेज स्कीम’ के तहत इस गांव को भारत के बेस्ट गांव का ख़िताब दिया गया है।
 

अंग दान करने का निश्चय

इस गांव के बहुत से लोगों ने अंग दान करने का निश्चय किया है और बहुतों ने तो तय किया है कि वो अपना शरीर ही दान कर देंगे जिससे उस पर रिसर्च की जा सके। इसके साथ ही इस गांव में गुटखा और शराब जैसे हानिकारक पदार्थों पर पाबंदी है। इस देश के लोगों को इस गांव से सीख लेनी चाहिए।

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