नीतीश-JDU की NDA में 'घर वापसी', नीतीश कुमार के जीवन पर एक नजर डालने पर कारण पता चल जाएगा

सिर्फ 4 साल और नीतीश कुमार की ‘घर वापसी’. बिहार के सीएम नीतीश की पार्टी JDU दोबारा NDA में शामिल हो गई है. नीतीश के घर हुई बैठक में इसका फैसला लिया गया. नीतीश ने अब से महज 1 महीने पहले ही बिहार के महागठबंधन को तो़ड़कर बीजेपी के साथ सत्ता में बतौर सीएम वापसी की है. सत्ता के साथी कुमार के करियर और जीवन के बारें में जानकर आपको शायद पता चल जाए की वो फेर-बदल क्यों करते हैं.
एक एनआईटी पटना से निकला मुन्ना इंजीनियर बना बिहार का सीएम डालते हैं एक नजर-

नीतीश
परिवार के साथ नीतीश कुमार

वैद्यराज और स्वतंत्रता सेनानी थे नीतीश के पिता

बिहार के स्वतंत्रता सेनानी और वैद्यराज राम लखन सिंह के घर 1 मार्च 1951 को Nitish कुमार के जन्म हुआ था. नीतीश कुमार के घर का नाम मुन्ना है. पटना एनआईटी से इंजीनियरिंग के वक्त तक नीतीश कुमार का राजनीति से कोई सरोकार नहीं रहा जबकि उनके पिता खुद एक बिहार के अच्छे नेताओं में शुमार रहे हैं. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री के दौरान भी Nitish कुमार कभी छात्र राजनीति में नहीं रहे और न ही कोई सरोकार रखा. बिहार इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में बतौर इंजीनियर नौकरी कर चुके कुमार ने अचानक नौकरी से इस्तीफा सौंप राजनीति में कदम रखा था.

पिता को नहीं मिला था कांग्रेस का टिकट

Nitish के पिता राम लखन सिंह गांधीवादी माने जाते थे और मॉडर्न बिहार के जनक कहे जाने वाले नारायण सिन्हा के करीबी थे. इंडियन नेशनल कांग्रेस की सीटों से चुनाव लड़ चुके Nitish के पिता को जब 1952 के चुनावों में टिकट नहीं दिया तो उन्होंने कांग्रेस से किनारा कर जनता दल का दामन थाम लिया

कैसे हुई राजनीति में एंट्री

Nitish कुमार अपने पिता नहीं बल्कि राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित होकर उनके समर्थक बन गए, नीतीश लोहिया को ही अपना गुरु मानते हैं. उनके राजनीतिक करियर की शुरूआत साल 1977 में हुई थी.

इस साल Nitish ने जनता पार्टी के टिकट पर पहला विधानसभा चुनाव लड़ा. साल 1985 में नीतीश बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए. साल 1987 में नीतीश कुमार बिहार के युवा लोकदल के अध्यक्ष बन गए.

साल 2000 में पहली बार बने सीएम

साल 2000 में Nitish कुमार पहली बार बिहार के सीएम बने थे. 7 दिन बाद ही विधानसभा भंग होने के कारण वे ज्यादा दिन काम नहीं कर पाए थे.

24 नवंबर 2005 को एक बार फिर सीएम की गद्दी संभालने के बाद नीतीश कुमार ने बिहार को विकासशील राज्यों की श्रेणी में शुमार कर दिया. नीतीश ने बीच में सीएम की कुर्सी छोड़कर महादलित नेता जीतनराम मांझी को सीएम बनाया था, लेकिन मतभेद के बाद वो दोबारा सीएम बने.

कब-कब रहे मुख्यमंत्री

  • 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000
  • 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010
  • 26 नवंबर 2010 से 17 मई 2014
  • 22 फरवरी 2015 से 14 नवंबर 2015
  • 20 नवंबर 2015 से 26 जुलाई 2017
  • 27 नवंबर 2017 से अब तक

एनडीए छोड़कर फिर घर वापसी

नीतीश कुमार बीजेपी के नेतृत्व वाली NDA सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. लेकिन साल 2013 में जब नरेंद्र मोदी को एनडीए ने पीएम पद का उम्मीदवार बनाया तो नाराज कुमार ने गठबंधन से ही किनारा कर लिया था. अब 4 साल बाद पिछले महीने उनका बयान आया कि नरेंद्र मोदी को कोई भी नहीं हरा सकता. 19 अगस्त को एक बार फिर नीतीश की JDU पार्टी की NDA में घर वापसी हुई है.

राजनीति में परिवारवाद बर्दाश्त नहीं

लालू के आरजेडी से गठबंधन के बावजूद Nitish को राजनीति में परिवारवाद बिलकुल पसंद नहीं है. साल 1973 में कुमार की शादी मंजू कुमारी सिन्हा से हुई, जिनका अब निधन हो चुका है. Nitish के बेटे ने बीआईटी से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है जिनका राजनीति से कोई सरोकार नहीं है.
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