गजब कपल: रात में पराठे बेचती हैं तो दिन में Phd की थीसिस पर काम करती हैं, पति देते हैं पूरा साथ

विविधताओं से भरे इस देश में कई ऐसे किस्से हैं, जो प्रेरणा देते हैं कुछ करने की, आगे बढ़ने की. कभी मुश्किलों में जब हम-आप घिरे होते हैं तो ऐसी ही सच्ची कहानियां आपको उससे उबरने में मदद करती हैं. ऐसी ही कहानी है Phd की छात्रा स्नेहा और उनके पति की.
ये प्रेरणादायक किस्सा हम आपको बता रहे हैं जो केरल के एक दंपति का है:
जब सपनों को मिले प्यार की दुलार
केरल में रह रहr स्नेहा लिंबगाओमकर और उनके पति प्रेमशंकर रात में पराठे की दुकान चलाते हैं. थाटुकाडा में ये लोग टेक्नोपार्क के पास पराठे बेचते हैं बाहर से आए नौकरी करने वाले कई इंजीनियर्स, आईटी प्रोफेशनल्स इनके पराठों के दीवाने हैं.

फोटो: टाइम्स ऑफ इंडिया

लेकिन आपको हैरानी होगी कि स्नेहा महज इसलिए पराठे बेचती हैं कि केरल यूनिवर्सिटी में चल रही उनकी Phd में पैसे की दिक्कत ना आए. इसलिए वो अपने पति प्रेमशंकर का खूब हाथ बटाती हैं. रात में वो पराठे, ऑमलेट बेचती हैं दिन में अपने थीसिस पर काम करती हैं.
प्रेम कहानी भी है दिलचस्प
झारखंड के रहने वाले प्रेमशंकर मंडल और महाराष्ट्र की स्नेहा की प्रेम कहानी भी दिलचस्प हैं. दोनों की मुलाकात Orkut सोशल मीडिया वेबसाइट पर हुई थी, घर वालों के इनकार के बावजूद दोनों करीब आए और शादी की, आज ये दोनों अपने राज्यों से दूर केरल में रहते हैं, क्योंकि केरल यूनिवर्सिटी से स्नेहा को पीएचडी करने का मौका मिला है.
प्रेमशंकर सोशल वर्क में ग्रेजुएट
स्नेहा के पति प्रेमशंकर सोशल वर्क में ग्रेजुएट हैं. उनका कहना है कि वो किसी भी हालत में स्नेहा को साइंटिस्ट बनते देखना चाहते हैं, इसलिए वो उसके साथ रहकर उसकी मदद करना चाहते हैं. प्रेमशंकर ने दिल्‍ली के CAG ऑफिस की नौकरी छोड़ी, जिससे वो स्‍नेहा के साथ रह सके. उनका कहना है कि

‘इससे ना केवल हमारी दैनिक आवश्‍यकताएं पूरी होती हैं. साथ ही पैसा भी बचा पाते हैं जिससे स्‍नेहा साइंटिस्‍ट बन सके.’

स्नेहा-प्रेमशंकर का एक ही सपना है स्नेहा की पढ़ाई पूरी हो सके. बता दें कि इस कपल की शादी को 6 साल हो चुके हैं और दोनों एक कमरे के किराए के घर में रहते हैं. स्नेहा-प्रेमशंकर भविष्य में जर्मनी रहने जाना चाहते हैं.

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