रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहा है इसरो, इसरो के बारें में 8 ऐसी बातें जिससे आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा..Interesting Facts about ISRO in Hindi.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने एक साथ 104 सैटेलाइट्स को ल़ॉन्च कर ये साबित कर दिया है कि भारत अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में दुनिया के ज्यादातर देशों से कहीं आगे है. ये कारनामा करने वाला भारत पहला देश बन चुका है. रूस ने साल 2014 में 34 सैटेलाइट्स को एक साथ लॉन्च किया था. लेकिन भारत की ये उपलब्धि रूस से भी ज्यादा आंकी जा रही है. आइए जानते हैं इसरो के बारे में वो 8 बातें जो आप नहीं जानते होंगे-

सौजन्य- पीटीआई

  1. विक्रम साराभाई ने की थी स्थापना

इसरो की स्थापना साल 1969 में  डॉ विक्रम साराभाई ने की थी। साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों का पिता भी कहा जाता है. इसरो की वजह से ही भारत उन 6 देशों में शामिल है जो अपनी जमीन पर सैटेलाइट बनाने और लॉन्च करने की क्षमता रखते हैं.

  1. कभी साइकिल और बैलगाड़ियों का हुआ था इस्तेमाल

आपको जानकर हैरानी होगी की देश में पहले रॉकेट के लॉन्च के समय रॉकेट को साइकिल पर ले जाया गया था. वहीं साल 1981 में एपल सैटेलाइट के लॉन्च के समय उसे बैलगाड़ी से लॉन्चपैड तक लाया गया था.
 

  1. एकमात्र देश जिसने पहले प्रयास में मंगल फतह किया

भारत एकमात्र ऐसा देश है, जो अपने पहले प्रयास में मंगल पर पहुंच गया. अमेरिका 5 बार वहीं रूस 6 बार असफल रहा था. चीन भी पहली बार में मंगल पर नहीं पहुंच पाया था.

  1. अमेरिका ने किया था मदद से इनकार

आपको बता दें कि बहुत साल पहले भारत ने अमेरिका से मंगल मिशन के लिए मदद की मांग की थी. इंजीनियरिंग और टेक्ऩॉलजी में मदद देने से अमेरिका ने साफ इनकार कर दिया था. ऐसे में भारतीय वैज्ञानिक ने ना केवल मंगल फतह किया, बल्कि पहले प्रयास में पहुंचकर रिकॉर्ड भी बनाया.

  1. दुनिया में सबसे किफायती है इसरो

नासा के 1 साल के बजट के आधे से भी कम रहा है, इसरो के पिछले 40 सालों का बजट. इस लिहाज से दुनिया की सबसे किफायती एजेंसी है इसरो. इसरो के पहले मिशन चंद्रयान प्रथम पर करीब 390 करोड रुपए ही खर्च हुए थे, जबकि नासा इसी तरह के मिशन पर इस खर्च के मुकाबले 8 से 9 गुना ज्यादा खर्चा करता है.

  1. कहीं नहीं ठहरता है पाकिस्तान

बात पड़ोसी देश पाकिस्तान की करें तो इसरो से करीब 8 साल पहले पाकिस्तान ने स्पेस एजेंसी SUPARCO को शुरु किया था,  ये एजेंसी अब तक सिर्फ 2 सैटेलाइट वो भी विदेशी मदद से लॉन्च कर पाई है.

  1. निष्ठा से इसरो बना हैं नंबर 1

आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के किसी भी दूसरे वैज्ञानिक संगठन के मुकाबले इसरो में कहीं ज्यादा कुंवारे हैं. इसरो में कई वैज्ञानिक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक शादी नहीं की है. वो पूरी तरह से अपने इस संगठन को ही समर्पित है. साथ ही हर एक इसरो के प्रोजेक्ट में किसी ना किसी बड़े पद पर महिलाएं भी होती हैं जिससे साबित होता है कि हर चीज से परे इन वैज्ञानिक का दिल सिर्फ अंतरिक्ष में बसता है.

  1. लगातार प्रयास कर रहा है इसरो

इसरो अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की दिशा में काम कर रहा है. इसके लिए एक ऐसा अंतरिक्ष यान तैयार किया जा रहा है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को 7 दिनों तक पृथ्वी की कक्षा में रखने की क्षमता होगी. साथ ही इसरो आदित्य मिशन नाम की महत्वकांक्षी परियोजना में भी जुटा है. इसका लक्ष्य है कि  साल 2019-20 में आदित्य नाम का एक उपग्रह सूर्य की और छोड़ना है जो सूर्य के बाहरी भाग का अध्ययन करेगा.

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